चार्ल्स डिकेंस

इस दुनिया में वह कोई व्यर्थ नहीं जो दूसरे का बोझ हल्का करता है।

चार्ल्स डिकेंस, 1812–1870
इस दुनिया में वह कोई व्यर्थ नहीं जो दूसरे का बोझ हल्का करता है। — चार्ल्स डिकेंस