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छोटे और तीखे विचार, जो एक ही वाक्य में सब कुछ कह देते हैं।

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समय आने पर मूर्खता करना मधुर है।

होरेस, 65–8 ई.पू.

चतुर दिखने की इच्छा अक्सर चतुर बनने से रोकती है।

फ़्रांस्वा द ला रोशफ़ूको, 1613–1680

शस्त्रों के बीच क़ानून मौन रहते हैं।

सिसेरो, 106–43 ई.पू.

पराजितों की एकमात्र रक्षा यही है कि वे किसी रक्षा की आशा न करें।

वर्जिल, 70–19 ई.पू.

जो समुद्र पार दौड़ते हैं, वे अपना आकाश बदलते हैं, अपनी आत्मा नहीं।

होरेस, 65–8 ई.पू.

प्रकृति को कुदाल से भी खदेड़ दो, वह लौट ही आएगी।

होरेस, 65–8 ई.पू.

आत्म-सम्मान: यह निश्चिंत भावना कि अभी तक किसी को शक नहीं हुआ।

एच. एल. मेंकेन, 1880–1956

सफल मनुष्य बस वह है जो एक ही तरह से लगातार दो-तीन बार से अधिक अपनी हँसी नहीं उड़वाता।

एच. एल. मेंकेन, 1880–1956

हर असफलता मनुष्य को कुछ सिखाती है। जैसे यह कि अगली बार भी वह शायद असफल होगा।

एच. एल. मेंकेन, 1880–1956

यदि सभी सार्वजनिक प्रश्न पासा फेंककर तय किए जाएँ, तो उनमें से पचास प्रतिशत सही तय होंगे। यह अभी के हमारे परिणाम से पाँच गुना बेहतर होगा।

एच. एल. मेंकेन, 1880–1956

सभ्यता ईश्वर की भूलों को सुधारने और उसके मज़ाक़ों पर रोक लगाने का साझा प्रयास है।

एच. एल. मेंकेन, 1880–1956

यह मानना कठिन है कि कोई मनुष्य सच बोल रहा है, जब तुम जानते हो कि उसकी जगह तुम झूठ बोलते।

एच. एल. मेंकेन, 1880–1956

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