लाओ त्ज़ु

ज्ञानी स्वयं को प्रदर्शित नहीं करता, इसलिए चमकता है; वह स्वयं को ऊँचा नहीं उठाता, इसलिए प्रतिष्ठित होता है।

लाओ त्ज़ु
ज्ञानी स्वयं को प्रदर्शित नहीं करता, इसलिए चमकता है; वह स्वयं को ऊँचा नहीं उठाता, इसलिए प्रतिष्ठित होता है। — लाओ त्ज़ु