अंतोन चेख़व

मनुष्य में सब कुछ सुंदर होना चाहिए: चेहरा, वस्त्र, आत्मा और विचार।

अंतोन चेख़व, 1860–1904
मनुष्य में सब कुछ सुंदर होना चाहिए: चेहरा, वस्त्र, आत्मा और विचार। — अंतोन चेख़व