अल्बैर कामू

मनुष्यों में घृणा करने योग्य बातों से अधिक प्रशंसा करने योग्य बातें हैं।

अल्बैर कामू, 1913–1960
मनुष्यों में घृणा करने योग्य बातों से अधिक प्रशंसा करने योग्य बातें हैं। — अल्बैर कामू