गेओर्ग विल्हेम फ़्रीड्रिख़ हेगेल

मिनर्वा का उल्लू केवल संध्या ढलने पर ही अपने पंख फैलाता है।

गेओर्ग विल्हेम फ़्रीड्रिख़ हेगेल, 1770–1831
मिनर्वा का उल्लू केवल संध्या ढलने पर ही अपने पंख फैलाता है। — गेओर्ग विल्हेम फ़्रीड्रिख़ हेगेल