मृत्यु के बिना पुनरुत्थान नहीं होता।
मृत्यु के बिना पुनरुत्थान नहीं होता।
इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।
आज तक किसी ने शहद का प्याला नहीं पिया जिसे पित्त के प्याले ने कड़वा न किया हो।
यह संसार अत्याचारी के लिए भी अत्याचारी है, फिर किसी उदात्त आत्मा की तो बात ही क्या!
हर कोई केवल एक बार मरने के लिए जन्म लेता है; सम्मान और कलंक सदा जीवित रहते हैं!