निकोला टेस्ला

मुझे नहीं लगता कि मानव हृदय में कोई ऐसा रोमांच दौड़ सकता है जैसा आविष्कारक अनुभव करता है जब वह अपने मस्तिष्क की किसी रचना को सफलता की ओर खुलते देखता है।

निकोला टेस्ला, 1856–1943
मुझे नहीं लगता कि मानव हृदय में कोई ऐसा रोमांच दौड़ सकता है जैसा आविष्कारक अनुभव करता है जब वह अपने मस्तिष्क की किसी रचना को सफलता की ओर खुलते देखता है। — निकोला टेस्ला

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