प्लेटो

न्याय ऐसा शुभ है जिसे केवल उसके पुरस्कारों और परिणामों के लिए नहीं, बल्कि उसके अपने लिए भी मूल्यवान मानना चाहिए।

प्लेटो, 428–348 ई.पू.
न्याय ऐसा शुभ है जिसे केवल उसके पुरस्कारों और परिणामों के लिए नहीं, बल्कि उसके अपने लिए भी मूल्यवान मानना चाहिए। — प्लेटो

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