पेटर द्वितीय पेट्रोविच न्येगोश

पर अत्याचार की गर्दन पर पैर रखना और उसे अधिकार की पहचान तक लाना, यही मनुष्य का सबसे पवित्र कर्तव्य है!

पेटर द्वितीय पेट्रोविच न्येगोश, 1813–1851
पर अत्याचार की गर्दन पर पैर रखना और उसे अधिकार की पहचान तक लाना, यही मनुष्य का सबसे पवित्र कर्तव्य है! — पेटर द्वितीय पेट्रोविच न्येगोश

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