प्रेम सबको जीत लेता है।
प्रेम सबको जीत लेता है।
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पर इस बीच समय उड़ता जाता है, ऐसा उड़ता है कि फिर लौटकर नहीं आता।
पराजितों की एकमात्र रक्षा यही है कि वे किसी रक्षा की आशा न करें।
सुखी होने के लिए कितना कम चाहिए, और सदा दुख सहने के लिए उससे सौ गुना कम।