जॉर्ज ऑरवेल

राजनीतिक भाषा इस तरह गढ़ी जाती है कि झूठ सच लगे और हत्या सम्मानजनक।

जॉर्ज ऑरवेल, 1903–1950
राजनीतिक भाषा इस तरह गढ़ी जाती है कि झूठ सच लगे और हत्या सम्मानजनक। — जॉर्ज ऑरवेल

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