यदि हम मैसेडोनिया में आराम से बैठे रहते, तो कौन-सा महान या गौरवपूर्ण काम कर पाते?
यदि हम मैसेडोनिया में आराम से बैठे रहते, तो कौन-सा महान या गौरवपूर्ण काम कर पाते?
इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।
क्या यह रोने की बात नहीं कि संसारों की संख्या अनंत है और मैं अभी एक का भी स्वामी नहीं बना?
पिता से मुझे जीवन मिला, और गुरु से मैंने अच्छी तरह जीना सीखा।
वीरता हर बुराई पर सम्राट है, और आत्मा का सबसे मीठा पेय है, जिससे पूरी पीढ़ियाँ मतवाली होती हैं।