ब्लेज़ पास्कल

हृदय के अपने तर्क होते हैं, जिन्हें तर्क नहीं जानता।

ब्लेज़ पास्कल, 1623–1662
हृदय के अपने तर्क होते हैं, जिन्हें तर्क नहीं जानता। — ब्लेज़ पास्कल

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