फ़्रांस्वा द ला रोशफ़ूको

यदि दोष केवल एक पक्ष का होता, तो झगड़े देर तक नहीं चलते।

फ़्रांस्वा द ला रोशफ़ूको, 1613–1680
यदि दोष केवल एक पक्ष का होता, तो झगड़े देर तक नहीं चलते। — फ़्रांस्वा द ला रोशफ़ूको

इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।

सभी सूक्तियाँ