जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

यदि तुम परिवार के कंकाल से छुटकारा नहीं पा सकते, तो उसे नचा ही दो।

जॉर्ज बर्नार्ड शॉ, 1856–1950
यदि तुम परिवार के कंकाल से छुटकारा नहीं पा सकते, तो उसे नचा ही दो। — जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

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