इमैनुएल कांट

दो चीज़ें मन को हमेशा नए और बढ़ते विस्मय और श्रद्धा से भर देती हैं: मेरे ऊपर का तारों भरा आकाश और मेरे भीतर का नैतिक नियम।

इमैनुएल कांट, 1724–1804
दो चीज़ें मन को हमेशा नए और बढ़ते विस्मय और श्रद्धा से भर देती हैं: मेरे ऊपर का तारों भरा आकाश और मेरे भीतर का नैतिक नियम। — इमैनुएल कांट