मोज़ी

एक मनुष्य की हत्या को सब अन्याय कहते हैं। पर जब दूसरे राज्य पर हमला होता है, तो वे इसे ग़लत नहीं मानते; वे इसकी प्रशंसा करते हैं और इसे न्यायपूर्ण कहते हैं। क्या कहा जा सकता है कि वे न्याय और अन्याय का अंतर जानते हैं?

मोज़ी, 470–391 ई.पू.
एक मनुष्य की हत्या को सब अन्याय कहते हैं। पर जब दूसरे राज्य पर हमला होता है, तो वे इसे ग़लत नहीं मानते; वे इसकी प्रशंसा करते हैं और इसे न्यायपूर्ण कहते हैं। क्या कहा जा सकता है कि वे न्याय और अन्याय का अंतर जानते हैं? — मोज़ी

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