मोज़ी

जो अपना धन दूसरों के साथ नहीं बाँटना चाहता, वह मित्रता के योग्य नहीं है।

मोज़ी, 470–391 ई.पू.
जो अपना धन दूसरों के साथ नहीं बाँटना चाहता, वह मित्रता के योग्य नहीं है। — मोज़ी

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