ताकुआन सोहो

गुरु का मन किसी भी चीज़ पर एक क्षण के लिए भी नहीं रुकता।

ताकुआन सोहो, 1573–1645
गुरु का मन किसी भी चीज़ पर एक क्षण के लिए भी नहीं रुकता। — ताकुआन सोहो