यदि तुम्हारा मन प्रतिद्वंद्वी की तलवार पर रुक जाता है, तो तुम कार्य करने की स्वतंत्रता खो देते हो।
यदि तुम्हारा मन प्रतिद्वंद्वी की तलवार पर रुक जाता है, तो तुम कार्य करने की स्वतंत्रता खो देते हो।
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यदि तुम अपनी आँख एक ही पत्ते पर टिका दोगे, तो बाक़ी सब नहीं देख पाओगे।
कार्य करो, पर मन को हर चाल के बारे में सोचने में क़ैद मत होने दो।
काल्पनिक संकट सबसे गहरे होते हैं, और काल्पनिक शत्रु सबसे ख़ूँख़ार।
सत्य था और असत्य था, और यदि तुम पूरी दुनिया के विरुद्ध भी सत्य से चिपके रहे, तो तुम पागल नहीं थे।