हाय वह समय! हाय वे रीतियाँ!
हाय वह समय! हाय वे रीतियाँ!
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इतिहास समय का साक्षी, सत्य का प्रकाश, स्मृति का जीवन और जीवन का शिक्षक है।
मित्रता नातेदारी से श्रेष्ठ है, क्योंकि नातेदारी से सद्भाव छीना जा सकता है, मित्रता से नहीं।
कृतज्ञता न केवल सबसे बड़ा गुण है, बल्कि अन्य सभी गुणों की जननी भी है।