सिसेरो
106–43 ई.पू. 7 प्रविष्टियाँ
जीवनी
मार्कस टुलियस सिसेरो रोमन राजनेता, वकील और लेखक थे, और प्राचीन रोम के सबसे महान वक्ता। 106 ई.पू. में रोम के दक्षिण-पूर्व के छोटे नगर आर्पिनम में एक ऐसे परिवार में जन्मे, जिसने कभी ऊँचा पद नहीं सँभाला था, सिसेरो अदालतों में अपनी प्रतिभा से उठकर 63 ई.पू. में कॉन्सल बने। उसी वर्ष उन्होंने कैटिलीन के सत्ता हथियाने के षड्यंत्र का पर्दाफ़ाश किया, और कैटिलीन के विरुद्ध उनके चार भाषणों में से पहला, “ओ टेम्पोरा, ओ मोरेस!” की पुकार के साथ, आज भी स्कूलों में पढ़ाया जाता है। कुछ वर्ष बाद उनके शत्रुओं ने उन्हें निर्वासित करवा दिया, लेकिन अगले वर्ष उन्हें रोम वापस बुला लिया गया।
जब उन्हें राजनीति से दूर रखा गया, तब उन्होंने दर्शन पर लिखा और ऑन ड्यूटीज़, ऑन द रिपब्लिक तथा टस्कुलन डिस्प्यूटेशंस जैसी रचनाओं में यूनानियों के विचार लैटिन में लाए, और उनके आठ सौ से अधिक पत्र बचे हैं। जूलियस सीज़र की हत्या के बाद उन्होंने फ़िलिपिक्स नामक भाषणों की शृंखला में मार्क एंटनी पर प्रहार किया, और जब एंटनी ऑक्टेवियन के साथ सत्ता में आया, तो सिसेरो का नाम मृत्युदंड पाने वालों की सूची में डाल दिया गया। दिसंबर 43 ई.पू. में फ़ॉर्मिया के पास उनकी हत्या कर दी गई। उनका लैटिन गद्य सदियों तक आदर्श रहा, और पेट्रार्क द्वारा उनके पत्रों की पुनः खोज को अक्सर पुनर्जागरण की शुरुआतों में गिना जाता है।