आंत्वान द सैंत-एग्ज़ुपेरी

केवल हृदय से ही ठीक-ठीक देखा जा सकता है; जो सार है, वह आँखों से दिखाई नहीं देता।

आंत्वान द सैंत-एग्ज़ुपेरी, 1900–1944
केवल हृदय से ही ठीक-ठीक देखा जा सकता है; जो सार है, वह आँखों से दिखाई नहीं देता। — आंत्वान द सैंत-एग्ज़ुपेरी

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