निकोलो मैकियावेली

मनुष्य इतने भोले और वर्तमान ज़रूरतों के इतने अधीन होते हैं कि जो धोखा देना चाहता है, उसे कोई न कोई धोखा खाने वाला मिल ही जाता है।

निकोलो मैकियावेली, 1469–1527
मनुष्य इतने भोले और वर्तमान ज़रूरतों के इतने अधीन होते हैं कि जो धोखा देना चाहता है, उसे कोई न कोई धोखा खाने वाला मिल ही जाता है। — निकोलो मैकियावेली

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