लुडविग विट्गेन्स्टाइन

मेरी भाषा की सीमाएँ मेरे संसार की सीमाएँ हैं।

लुडविग विट्गेन्स्टाइन, 1889–1951
मेरी भाषा की सीमाएँ मेरे संसार की सीमाएँ हैं। — लुडविग विट्गेन्स्टाइन