अरस्तू

मित्रता प्रेम पाने से अधिक प्रेम करने में निहित लगती है।

अरस्तू, 384–322 ई.पू.
मित्रता प्रेम पाने से अधिक प्रेम करने में निहित लगती है। — अरस्तू