सुकरात

मृत्यु का भय ज्ञान के दिखावे के सिवा कुछ नहीं है, क्योंकि यह वह जानने का भ्रम है जो हम नहीं जानते।

सुकरात, 470–399 ई.पू.
मृत्यु का भय ज्ञान के दिखावे के सिवा कुछ नहीं है, क्योंकि यह वह जानने का भ्रम है जो हम नहीं जानते। — सुकरात

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