प्रेम को प्रेम से प्रेम करना प्रिय है।
प्रेम को प्रेम से प्रेम करना प्रिय है।
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कलाकार का उद्देश्य सुंदर की रचना है। सुंदर क्या है, यह दूसरा प्रश्न है।
अभी को, यहाँ को थामे रहो, जिनसे होकर सारा भविष्य अतीत में उतर जाता है।