एक-एक करके वे सब छायाएँ बनते जा रहे थे। उम्र के साथ उदास होकर मुरझाने और धुँधला पड़ने से अच्छा है किसी भावना की पूरी चमक में साहस से उस दूसरी दुनिया में चले जाना।
एक-एक करके वे सब छायाएँ बनते जा रहे थे। उम्र के साथ उदास होकर मुरझाने और धुँधला पड़ने से अच्छा है किसी भावना की पूरी चमक में साहस से उस दूसरी दुनिया में चले जाना।
इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।
अभी को, यहाँ को थामे रहो, जिनसे होकर सारा भविष्य अतीत में उतर जाता है।
कलाकार का उद्देश्य सुंदर की रचना है। सुंदर क्या है, यह दूसरा प्रश्न है।