एफ़्रेम किशोन

पूँजीवाद असमान रूप से बँटा धन है, और समाजवाद समान रूप से बँटी ग़रीबी। पर यह कहावत पूरी तरह सही नहीं, क्योंकि बोल्शेविज़्म ग़रीबी को भी असमान रूप से बाँटता है।

एफ़्रेम किशोन, 1924–2005
पूँजीवाद असमान रूप से बँटा धन है, और समाजवाद समान रूप से बँटी ग़रीबी। पर यह कहावत पूरी तरह सही नहीं, क्योंकि बोल्शेविज़्म ग़रीबी को भी असमान रूप से बाँटता है। — एफ़्रेम किशोन