एफ़्रेम किशोन

हर किसी को यह कहने का अधिकार है कि वह क्या सोचता है, पर ऐसा कोई क़ानून नहीं जो किसी को सुनने के लिए विवश करे।

एफ़्रेम किशोन, 1924–2005
हर किसी को यह कहने का अधिकार है कि वह क्या सोचता है, पर ऐसा कोई क़ानून नहीं जो किसी को सुनने के लिए विवश करे। — एफ़्रेम किशोन

इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।

सभी उद्धरण