सबसे आम झूठ वह है जिससे मनुष्य स्वयं को धोखा देता है।
सबसे आम झूठ वह है जिससे मनुष्य स्वयं को धोखा देता है।
इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।
जिसने भी कभी नया स्वर्ग बनाया है, उसने उसकी शक्ति केवल अपने ही नरक में पाई है।
गंदी धारा को बिना मैला हुए अपने में समा लेने के लिए मनुष्य को समुद्र होना चाहिए।
प्रेम में हमेशा कुछ पागलपन होता है। पर पागलपन में भी हमेशा कुछ तर्क होता है।
मनुष्य पशु और अतिमानव के बीच बँधी एक रस्सी है — एक खाई के ऊपर की रस्सी।
नाचते हुए तारे को जन्म देने के लिए मनुष्य के भीतर अब भी अराजकता होनी चाहिए।
यदि तुम देर तक खाई में झाँकते हो, तो खाई भी तुममें झाँकती है।