ऑल्डस हक्सले

युद्ध का प्रचार अंततः मनुष्यों की जगह शैतानी अमूर्तताओं को रखने तक सिमट जाता है।

ऑल्डस हक्सले, 1894–1963
युद्ध का प्रचार अंततः मनुष्यों की जगह शैतानी अमूर्तताओं को रखने तक सिमट जाता है। — ऑल्डस हक्सले

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