एच. एल. मेंकेन

आत्म-सम्मान: यह निश्चिंत भावना कि अभी तक किसी को शक नहीं हुआ।

एच. एल. मेंकेन, 1880–1956
आत्म-सम्मान: यह निश्चिंत भावना कि अभी तक किसी को शक नहीं हुआ। — एच. एल. मेंकेन

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