संगीत के बिना जीवन एक भूल होता।
संगीत के बिना जीवन एक भूल होता।
इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।
जिसके पास जीने का कोई क्यों है, वह लगभग हर कैसे को सह सकता है।
जिसने भी कभी नया स्वर्ग बनाया है, उसने उसकी शक्ति केवल अपने ही नरक में पाई है।
मनुष्य पशु और अतिमानव के बीच बँधी एक रस्सी है — एक खाई के ऊपर की रस्सी।
नाचते हुए तारे को जन्म देने के लिए मनुष्य के भीतर अब भी अराजकता होनी चाहिए।