बहुत जोगी, मठ उजाड़।
इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।
अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।
आज का काम कल पर मत टालो।
बिल्ली गई, चूहों की बन आई।
जहाँ चाह, वहाँ राह।
जैसा बोओगे, वैसा काटोगे।
जो अंत में हँसता है, वही सबसे अच्छा हँसता है।
सभी कहावतें