जहाँ चाह, वहाँ राह।
इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।
डूबते को तिनके का सहारा।
अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।
आज का काम कल पर मत टालो।
जैसा बोओगे, वैसा काटोगे।
बहुत जोगी, मठ उजाड़।
दो बार नापो, एक बार काटो।
सभी कहावतें