अपने ही विरुद्ध बँटा हुआ घर खड़ा नहीं रह सकता।
अपने ही विरुद्ध बँटा हुआ घर खड़ा नहीं रह सकता।
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युद्ध का प्रचार अंततः मनुष्यों की जगह शैतानी अमूर्तताओं को रखने तक सिमट जाता है।
प्रचारक का उद्देश्य लोगों के एक समूह को यह भुला देना है कि कुछ दूसरे समूहों के लोग भी मनुष्य हैं।
राजनीतिक भाषा इस तरह गढ़ी जाती है कि झूठ सच लगे और हत्या सम्मानजनक।