दांते अलिगियेरी

अपने मूल पर विचार करो: तुम पशुओं की तरह जीने के लिए नहीं, बल्कि सद्गुण और ज्ञान का अनुसरण करने के लिए बने हो।

दांते अलिगियेरी, 1265–1321
अपने मूल पर विचार करो: तुम पशुओं की तरह जीने के लिए नहीं, बल्कि सद्गुण और ज्ञान का अनुसरण करने के लिए बने हो। — दांते अलिगियेरी

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