एकाकीपन सभी असाधारण मस्तिष्कों की नियति है।
एकाकीपन सभी असाधारण मस्तिष्कों की नियति है।
इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।
बहुत दुखी न होने का सबसे सुरक्षित तरीक़ा है बहुत सुखी होने की अपेक्षा न करना।
मनुष्य जो है, वह उसके सुख में उससे कहीं अधिक योगदान देता है जो उसके पास है।