मनुष्य जो है, वह उसके सुख में उससे कहीं अधिक योगदान देता है जो उसके पास है।
मनुष्य जो है, वह उसके सुख में उससे कहीं अधिक योगदान देता है जो उसके पास है।
इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।
बहुत दुखी न होने का सबसे सुरक्षित तरीक़ा है बहुत सुखी होने की अपेक्षा न करना।