रादोये दोमानोविच

हर सूदख़ोर और बदमाश कुछ सिक्कों में अपने लिए ‘महान जन-देशभक्त’ की उपाधि ख़रीद सकता था।

रादोये दोमानोविच, 1873–1908
हर सूदख़ोर और बदमाश कुछ सिक्कों में अपने लिए ‘महान जन-देशभक्त’ की उपाधि ख़रीद सकता था। — रादोये दोमानोविच

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