ईवो आंद्रिच

जीने की प्रेरणा से मनुष्य जो कुछ भी खड़ा करता और बनाता है, उसमें मेरी नज़र में पुलों से बेहतर और मूल्यवान कुछ नहीं है।

ईवो आंद्रिच, 1892–1975
जीने की प्रेरणा से मनुष्य जो कुछ भी खड़ा करता और बनाता है, उसमें मेरी नज़र में पुलों से बेहतर और मूल्यवान कुछ नहीं है। — ईवो आंद्रिच

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