जिसे मैं बना नहीं सकता, उसे मैं समझता नहीं।
जिसे मैं बना नहीं सकता, उसे मैं समझता नहीं।
इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।
जो हो चुका है, उस पर कभी ध्यान नहीं जाता; दिखता केवल वही है जो अभी करना बाक़ी है।
कलाकार का उद्देश्य सुंदर की रचना है। सुंदर क्या है, यह दूसरा प्रश्न है।