मैरी क्यूरी

जो हो चुका है, उस पर कभी ध्यान नहीं जाता; दिखता केवल वही है जो अभी करना बाक़ी है।

मैरी क्यूरी, 1867–1934
जो हो चुका है, उस पर कभी ध्यान नहीं जाता; दिखता केवल वही है जो अभी करना बाक़ी है। — मैरी क्यूरी

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