आर्थर शोपेनहावर

कठिनाइयों पर विजय पाना अस्तित्व के पूरे आनंद का अनुभव करना है।

आर्थर शोपेनहावर, 1788–1860
कठिनाइयों पर विजय पाना अस्तित्व के पूरे आनंद का अनुभव करना है। — आर्थर शोपेनहावर

इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।

सभी उद्धरण