दस भालू

मेरा जन्म प्रेयरी पर हुआ, जहाँ हवा आज़ाद बहती थी और सूरज की रोशनी को रोकने वाला कुछ नहीं था।

दस भालू, 1790–1872
मेरा जन्म प्रेयरी पर हुआ, जहाँ हवा आज़ाद बहती थी और सूरज की रोशनी को रोकने वाला कुछ नहीं था। — दस भालू

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