मेरी बात सुनो, मेरे मुखियाओ! मैं थक गया हूँ; मेरा हृदय रोगी और उदास है। सूरज अभी जहाँ खड़ा है, वहाँ से मैं फिर कभी नहीं लड़ूँगा।
मेरी बात सुनो, मेरे मुखियाओ! मैं थक गया हूँ; मेरा हृदय रोगी और उदास है। सूरज अभी जहाँ खड़ा है, वहाँ से मैं फिर कभी नहीं लड़ूँगा।
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सभी मनुष्यों से एक जैसा व्यवहार करो। सबको एक ही क़ानून दो। सबको जीने और बढ़ने का समान अवसर दो।
यदि हम मैसेडोनिया में आराम से बैठे रहते, तो कौन-सा महान या गौरवपूर्ण काम कर पाते?
वीरता हर बुराई पर सम्राट है, और आत्मा का सबसे मीठा पेय है, जिससे पूरी पीढ़ियाँ मतवाली होती हैं।
मैं चाहता हूँ कि यह याद रखा जाए कि अपने क़बीले में राइफ़ल सौंपने वाला अंतिम व्यक्ति मैं था।