सभी मनुष्यों से एक जैसा व्यवहार करो। सबको एक ही क़ानून दो। सबको जीने और बढ़ने का समान अवसर दो।
सभी मनुष्यों से एक जैसा व्यवहार करो। सबको एक ही क़ानून दो। सबको जीने और बढ़ने का समान अवसर दो।
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हर सूदख़ोर और बदमाश कुछ सिक्कों में अपने लिए ‘महान जन-देशभक्त’ की उपाधि ख़रीद सकता था।
युद्ध का प्रचार अंततः मनुष्यों की जगह शैतानी अमूर्तताओं को रखने तक सिमट जाता है।